राजर्षि टण्डन इंटर कॉलेज में प्रबंध समिति विवाद के बीच बढ़ा तनाव, विद्यालय परिसर में एक पक्ष की मौजूदगी पर उठे सवाल

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● न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद विद्यालय परिसर में विपक्षी को बुलाए जाने का प्रबंधक डॉ. अनूप पाण्डेय ने लगाया आरोप, की निष्पक्ष प्रशासन और कार्यवाही की मांग ।

 

प्रतापगढ़ । राजर्षि टण्डन इंटर कॉलेज, रामनगर (अठगवां), प्रतापगढ़ में प्रबंध समिति एवं सदस्यता को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अभी तक समाप्त नहीं हुआ है । मामला मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद के खंडपीठ लखनऊ में विचाराधीन होने के बीच विद्यालय परिसर में विवाद से जुड़े एक पक्षकार की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहा है ।

 

इस सम्बंध में शिकायतकर्ता प्रबंधक डॉ. अनूप कुमार पाण्डेय का आरोप है कि वर्तमान में कार्यरत विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा विवादित प्रबन्ध समिति के पक्षकार अनिल प्रताप त्रिपाठी को विद्यालय परिसर में बार-बार बुलाया जाता है, जबकि प्रबंध समिति को लेकर विवाद अभी तक न्यायालय में लंबित है और विद्यालय का प्रशासनिक नियंत्रण श्रीमान जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रतापगढ़ के अधीन है । आरोप है कि ऐसी परिस्थितियों में विवाद से जुड़े किसी एक पक्ष के व्यक्ति को सस्ती लोकप्रियता दिलाने के लिए, विद्यालय परिसर में बुलाकर उससे राष्ट्रीय पर्व पर झण्डारोहण कराना, विद्यालय के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण को प्रभावित करता है ।

 

कार्यवाहक प्रधानाचार्य के इस रवैये से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति की आशंका उत्पन्न हो सकती है । मामले को लेकर शिकायतकर्ता प्रबंधक डॉ. अनूप कुमार पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्तमान कार्यवाहक प्रधानाचार्य का अनिल प्रताप त्रिपाठी से सम्बंध है । कार्यवाहक प्रधानाचार्य अनिल प्रताप त्रिपाठी के चचेरे साले हैं । इसलिए बार बार पक्षपात करते हुए विधिविरुद्ध आचरण करते हैं और अनिल प्रताप त्रिपाठी को बार-बार विद्यालय परिसर में बुलाकर शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में अप्रत्यक्ष रूप से भय व्याप्त कराते हैं । शिकायतकर्ता के अनुसार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तिवारी की तदर्थ नियुक्ति 12 अक्टूबर 1998 को अनिल प्रताप त्रिपाठी ने ही अवैधानिक नियुक्ति की थी । जिसकी जाँच शासन स्तर पर लंबित है ।

 

शिकायतकर्ता ने कहा है कि विवादित प्रबंध समिति के मामले में विद्यालय प्रशासन को किसी भी ऐसे कदम से बचना चाहिए जिससे किसी एक पक्ष को संस्थागत परिसर में प्रभाव अथवा हस्तक्षेप का अवसर मिलने की धारणा पैदा हो । मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी यह होनी चाहिए कि विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण शांतिपूर्ण बना रहे और किसी भी पक्ष द्वारा विद्यालय परिसर का उपयोग लंबित विवाद को प्रभावित करने अथवा तनाव बढ़ाने के लिए न किया जाए ।

जिला विद्यालय निरीक्षक से कार्यवाही की मांग

शिकायतकर्ता प्रबंधक डॉ. अनूप कुमार पाण्डेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रतापगढ़ व जिलाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों से पूरे मामले का संज्ञान लेकर, विद्यालय परिसर में विवाद से जुड़े पक्षों की गतिविधियों के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही करने की मांग की है । न्यायालय में लंबित विवाद के दौरान विद्यालय परिसर में किसी पक्ष विशेष की अनावश्यक सक्रियता पर रोक लगाने हेतु स्पष्ट कार्यवाही करने, विद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण को विवाद से मुक्त रखने, कार्यवाहक प्रधानाचार्य की भूमिका और उनके द्वारा विवाद से जुड़े व्यक्तियों को विद्यालय परिसर में बुलाए जाने की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा न्यायालय में लंबित विवाद को प्रभावित करने तथा विद्यालय की शांति भंग करने वाले कार्यवाहक प्रधानाचार्य के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग अधिकारियों से की गई है । शिकायतकर्ता ने कहा है कि जब तक न्यायालय द्वारा विवाद का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक सभी संबंधित पक्षों को संयम बरतना चाहिए, अनावश्यक सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कदापि नहीं करना चाहिए । विद्यालय को किसी भी प्रकार की शक्ति-प्रदर्शन या एक पक्षीय गतिविधि का केंद्र बनने से रोकना आवश्यक है ।

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Author: ABK 24 News

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