प्रतापगढ़ को माफिया राज से मुक्त कराकर डबल इंजन सरकार ने बनाया ‘प्रगति का गढ़’, नर्सिंग कॉलेज की मिली बड़ी सौगात
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा को समर्पित कीं करोड़ों की विकास परियोजनाएं।
- विपक्ष पर बरसे सीएम: बोले— पूर्व की सरकारों ने दिया ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’, हमने दिया ‘वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘ODOP’।
- प्रतापगढ़ के युवाओं की नौकरी पर अब कोई ‘सफाई घराना’ डकैती नहीं डाल सकता, मेधा को मिल रहा पूरा सम्मान।
- 384 करोड़ की 111 परियोजनाओं का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास।
प्रतापगढ़। पौराणिक काल से लेकर आधुनिक काल तक अपनी समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और शूरवीरों की गाथाओं के लिए जगविख्यात प्रतापगढ़ की पावन धरा पर रविवार को विकास का नया शंखनाद हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की जनता को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. सोनेलाल पटेल भव्य मेडिकल कॉलेज परिसर में एक नए नर्सिंग कॉलेज का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस क्षेत्र की बेटियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, वे यहीं शिक्षित होकर देश और दुनिया में अपनी सेवाओं के माध्यम से आरोग्यता के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगी।
विपक्ष की मानसिकता पर तीखा प्रहार
एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रतापगढ़ की गिनती देश के पिछड़े जनपदों में होती थी। यहां न तो कनेक्टिविटी थी और न ही बुनियादी सुविधाएं। गरीब हताश था, नौजवान पलायन को मजबूर था, किसान आत्महत्या कर रहा था और बहन-बेटियां असुरक्षित थीं।
”पिछली सरकारों की मानसिकता केवल माफिया राज को पोषित करने की थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की पहचान दी थी, जिसके कारण पूरा प्रदेश तबाह हो रहा था। लेकिन हमारी डबल इंजन की सरकार ने इस धारणा को बदला। हमने प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) देकर यहां के परंपरागत उद्यमों में नए प्राण फूंकने का काम किया है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
नौकरियों में पारदर्शिता और युवाओं का उत्थान
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में नौकरियों में होने वाले भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब भी कोई सरकारी भर्ती आती थी, तो ‘सफाई घराना’ उस पर डकैती डालकर उसकी नीलामी शुरू कर देता था। योग्य और होनहार नौजवान ठगा रह जाता था। लेकिन आज कानून का राज है। हाल ही में हुई 60 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ के रिकॉर्ड बच्चे अपनी मेधा के बल पर पुलिस में भर्ती हुए हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अन्य चयन बोर्डों के परिणामों में भी प्रतापगढ़ के नौजवान बिना किसी सिफारिश और बिना किसी भेदभाव के अपनी जगह बना रहे हैं।
अयोध्या का कायाकल्प और विपक्ष की पीड़ा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अयोध्या के बदलते स्वरूप का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज की नई अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप प्रभु श्री राम के काल की याद दिलाती है। फोर-लेन कनेक्टिविटी, रेलवे की ब्रॉडगेज डबल लाइन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं केवल भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ही दे सकती थी।
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के नाम पर देश और प्रदेश में हजारों हेक्टेयर गरीबों की जमीनों का वारा-न्यारा किया गया, लेकिन तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मुंह पर फेविकोल लग जाता था। आज जब अयोध्या में विकास हो रहा है और रिकॉर्ड श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो विपक्ष को पीड़ा हो रही है। उन्होंने साफ किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की मांग पर गठित एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और लोक-कल्याणकारी नीतियां
प्रतापगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से अब प्रतापगढ़ की दूरी प्रयागराज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बेहद कम हो जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी।
सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि हम चेहरा देखकर राजनीति नहीं करते। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए 15 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन, 10 करोड़ लोगों को ₹5 लाख का आयुष्मान स्वास्थ्य कवच और अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के हर बुजुर्ग को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से यह भी स्पष्ट किया कि जब भी कोई गरीब या जनप्रतिनिधि बीमार व्यक्ति के इलाज के लिए पत्र भेजता है, तो मुख्यमंत्री राहत कोष से बिना किसी देरी और बिना किसी सिफारिश के सीधे आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है।
क्रांति, मिठास और जनप्रतिनिधियों का समर्पण
मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक बाबू गुलाब सिंह को नमन करते हुए कहा कि जब भी राष्ट्र पर संकट आया, प्रतापगढ़ कभी पीछे नहीं रहा। उन्होंने जिले के गौरव ‘अमृत फल’ आंवले की चर्चा करते हुए कहा कि यहां के किसानों ने सदियों पहले अपनी दूरदर्शिता से इस फल को अपनाया, जिसकी मिठास आज दुनिया में बिखर रही है।
स्थानीय विधायक श्री राजेंद्र मौर्य की मशहूर ‘रसमलाई’ और उनके विकास के प्रति जूनून की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का जनता के प्रति ऐसा ही समर्पण होना चाहिए। जब विधायक सजग होकर मांग करते हैं, तो विकास की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं। इस अवसर पर सांसद, प्रभारी मंत्री, विधायक श्री जीतलाल पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता सिंह, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और पूज्य संत समाज उपस्थित रहा।








