ABK24NEWS (आशुतोष त्रिपाठी)
प्रतापगढ़। विकास की मुख्यधारा से दशकों तक कटे रहे ग्राम मेहरबान का पुरवा (मजरा लोहांगपट्टी) के निवासियों का सपना आज सच हो गया। आजादी के बाद पहली बार गांव के लिए पक्का रास्ता साफ हुआ और गांव में पहला चार पहिया वाहन पहुंचा। प्रशासन की कड़ी कार्रवाई और अवैध कब्जा हटने के बाद ग्रामीणों में अपार खुशी की लहर है।
लगभग 50 घरों और 300 की आबादी वाले इस गांव के लोग अब तक रेलवे की भूमि से होकर आवागमन करते थे, लेकिन रेलवे द्वारा बैरिकेडिंग किए जाने के बाद गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया था। गांव जाने वाले एकमात्र चकरोड़ के बीचों-बीच वर्ष 1882 का एक प्राचीन कुआं था, जिसके पास की नवीन परती भूमि पर दबंगों का कब्जा था।
ग्राम प्रधान राम अलप यादव व ग्रामीणों की गुहार पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी नैन्सी सिंह को निस्तारण हेतु निर्देशित किया। शनिवार को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे नायब तहसीलदार दिनेश चन्द्र तिवारी ने विरोध कर रहे कब्जाधारकों को हटवाया। विरोध करने पर एसआई सुरेश यादव ने अजीत प्रताप सिंह व उनके दो पुत्रों को हिरासत में लेकर अंतू कोतवाली भेज दिया। इसके बाद जेसीबी लगाकर रास्ते का निर्माण करा दिया गया।
वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को आशीर्वाद दिया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक आशाराम, लेखपाल मृत्युंजय तिवारी, कुलदीप सिंह, सुधांशु सिंह, जयप्रकाश तिवारी सहित पूरी राजस्व टीम मौजूद रही।








