- एसपी ने पट्टी कोतवाल व विवेचक को किया निलंबित, मजिस्ट्रीयल जांच के दिए आदेश।
प्रतापगढ़(ABK24NEWS)। मोहब्बत में अपनों का साथ तो छूटा ही था, लेकिन जब खाकी की कार्रवाई और केस दर्ज होने का डर दिल में घर कर गया, तो 22 साल के युवा अर्जुन ने जिंदगी से ही हार मान ली। पट्टी कोतवाली परिसर के शौचालय में सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में अर्जुन का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इश्क के इस दर्दनाक अंत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक भूकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह और विवेचक ओमकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्यार के पीछे-पीछे थाने पहुंचा था अर्जुन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मोलनापुर निवासी अर्जुन (22) पुत्र लल्लू का एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस किसी मामले में युवती को बरामद कर पट्टी कोतवाली लाई थी। अपने प्यार से दूर न रह पाने की तड़प और मामले के सुलझने की उम्मीद में अर्जुन भी कोतवाली पहुंच गया था। लेकिन वहां का माहौल और पुलिसिया प्रक्रिया उसके लिए तनावपूर्ण होती चली गई।
पुनः केस दर्ज होने के खौफ ने तोड़ी हिम्मत
सूत्रों के मुताबिक, युवती के मामले में पुलिस द्वारा दोबारा प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज किए जाने की जानकारी जैसे ही अर्जुन को मिली, वह बुरी तरह टूट गया। उसे खाकी की कठोर कार्रवाई और जेल जाने का खौफ सताने लगा। इसी मानसिक तनाव और डर के बीच वह कोतवाली परिसर के शौचालय में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

चीखों से गूंज उठा कोतवाली परिसर
काफी देर तक जब अर्जुन बाहर नहीं निकला, तो पुलिसकर्मियों ने संदेह होने पर दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर अंदर का नजारा देख हर कोई सन्न रह गया; अर्जुन का शव फंदे से लटक रहा था। घटना की खबर फैलते ही थाने परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।
एसपी पहुंचे मौके पर, सख्त रुख अपनाया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने कहा कि पुलिस परिसर के भीतर ऐसी घटना होना घोर लापरवाही है। दोषियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय जांच के साथ-साथ मजिस्ट्रीयल जांच की संस्तुति की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।










