प्रतापगढ़ (ABK24NEWS)। जनपद प्रतापगढ़ के नगर पंचायत गड़वारा के डंगरी वार्ड में भू-माफियाओं द्वारा नियमों को ताक पर रखकर उपजाऊ कृषि भूमि पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग और व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए एडीएम ने कहा है कि इसके लिए जांच टीम नामित की जा रही है और जल्द ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिना धारा-80 और ले-आउट के हो रहा है खेल
शिकायतकर्ता पुरुषोत्तम पांडेय (निवासी कामापुर डंगरी) द्वारा मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश शासन (रेरा) को दिए गए शिकायती पत्रों के अनुसार, गाटा संख्या 418 एवं 421 अ की लगभग 3.30 बीघा कृषि योग्य भूमि को लगभग 6 महीने पूर्व खरीदकर बिना लैंड यूज कन्वर्जन (धारा-80) और बिना किसी वैधानिक अनुमति के छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचा जा रहा है। इस अवैध कॉलोनी का नगर पंचायत से कोई नक्शा या ले-आउट पास नहीं कराया गया है और न ही रेरा में इसका पंजीकरण है।

यूपरेरा (UPRERA) पोर्टल पर नहीं है कोई प्रोजेक्ट दर्ज
शिकारी पत्रों की जांच के दौरान यूपरेरा के अधिकृत पोर्टल पर जब इस प्रोजेक्ट को सर्च किया गया, तो वहां कोई भी परियोजना पंजीकृत नहीं पाई गई। यह कृत्य स्पष्ट रूप से रेरा अधिनियम 2016 की धारा-3 का उल्लंघन है। इसके अलावा, बिना विकास शुल्क जमा किए और बिना अनुमति प्लॉटिंग होने से शासन को भारी राजस्व की क्षति हो रही है, साथ ही भविष्य में जल निकासी व रास्तों का गंभीर संकट उत्पन्न होना तय है।
प्रशासन की सुस्ती और भू-माफियाओं के हौसले
स्थानीय प्रशासन और अधिशासी अधिकारी की कथित उदासीनता के कारण भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बार-बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद धरातल पर ठोस कार्रवाई न होने से आम जनता में रोष है। अब एडीएम द्वारा जांच टीम के गठन और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद उम्मीद जगी है कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों और लापरवाह कर्मियों पर शिकंजा कसा जाएगा।









