2027 के रण में उतरा अपना दल (एस): अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल ने सीट बंटवारे, स्ट्राइक रेट और चुनावी रणनीति पर खोले पत्ते
प्रतापगढ़(ABK24NEWS)। केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने प्रतापगढ़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आधिकारिक रूप से शंखनाद कर दिया है। प्रतापगढ़ से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कार्यकाल के दौरान यहाँ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी, जिसका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्टी संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर रखा जाना पूरी पार्टी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
अनुप्रिया पटेल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पूरी ताकत से काम कर रही है और आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अभी सीटों की संख्या बताना जल्दबाजी होगी, लेकिन उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एनडीए के सभी घटक दल आपसी बातचीत, समन्वय और सहमति से अंतिम फैसला लेंगे। उन्होंने जोर दिया कि एनडीए का कुनबा अब और अधिक व्यापक हो चुका है और सभी सहयोगी मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने गठबंधन में किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर सब कुछ बेहद बेहतर ढंग से चल रहा है। उन्होंने पार्टी के शानदार प्रदर्शन का दावा करते हुए बताया कि 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों में अपना दल (एस) का स्ट्राइक रेट 80 प्रतिशत से अधिक रहा है। पार्टी अंधाधुंध सीटों की संख्या के पीछे भागने के बजाय केवल उन सीटों पर फोकस करती है जहाँ जीतने की प्रबल संभावना होती है।
अयोध्या सीट के संबंध में उन्होंने साफ किया कि वह पारंपरिक रूप से भाजपा की सीट है, इसलिए वहाँ अपना दल द्वारा प्रत्याशी उतारने का कोई औचित्य नहीं है। गठबंधन धर्म का पालन करते हुए एनडीए का जो भी घटक दल जिस सीट पर चुनाव लड़ेगा, बाकी सभी दल पूरी ताकत से उसका समर्थन करेंगे। इसके अलावा, पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चाओं पर उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों की कड़ी निंदा की और इसे संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया।









