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प्रतापगढ़। रानीगंज तहसील क्षेत्र के तुलसीपुर गांव में इन दिनों अध्यात्म की बयार बह रही है। क्षेत्र में आयोजित भव्य एवं दिव्य श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। जैसे ही कथा पंडाल में प्रभु का प्राकट्य हुआ, पूरा माहौल ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने-नाचने लगे।
कुलाधिपति व विद्वानों के मुखारविंद से बही ज्ञान गंगा
कथा के मुख्य वाचक और कुलगुरु पंडित शेषधर मिश्र ने अपने मुखारविंद से भगवान श्री कृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और सजीव वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण के लिए प्रभु का अवतार होता है।
इस पावन यज्ञ में उनके साथ सह-कथावाचक के रूप में पूज्य पंडित कमल कृष्ण अनुरागी जी महाराज, पंडित आलोक पांडे जी और पंडित शंभूनाथ पांडे जी जैसे प्रकांड विद्वानों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कुलगुरु और साथी विद्वानों के सहयोग से संगीत मय भजनों और आध्यात्मिक व्याख्यान ने उपस्थित हजारों भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
“जब अधर्म बढ़ता है, तब प्रभु अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों का अंत करने और वसुधा को पाप मुक्त करने के लिए ही कारागार में कन्हाई का प्राकट्य हुआ।”
— कुलगुरु पंडित शेषधर मिश्र

तिवारी परिवार के यहाँ उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान श्री अशोक कुमार तिवारी एवं श्री अनिल तिवारी जी हैं। उनके गृह क्षेत्र में आयोजित इस दिव्य कथा के चौथे दिन कथा श्रवण करने और बाल रूप के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यजमान परिवार द्वारा आए हुए सभी अतिथियों और भक्तों का भव्य स्वागत सत्कार किया गया। पूरा पंडाल कन्हाई के जन्मोत्सव के रंग में रंगा नजर आया और जमकर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।

भजनों की महफिल में झूम उठे भक्त, भक्ति रस में सराबोर हुआ पंडाल
श्री कृष्ण जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर पंडाल में भजनों की एक से बढ़कर एक भव्य महफिल सजी। जैसे ही संगीत दल ने सोहर और बधाई गीतों की तान छेड़ी, पूरा पंडाल भक्ति के चरम आनंद में डूब गया। भजनों की इस सुमधुर महफिल में उपस्थित श्रद्धालु अपने सुध-बुध खो बैठे। श्रद्धा और भाव से ओतप्रोत होकर भक्तगण अपनी जगहों पर खड़े होकर जमकर थिरकने लगे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी कन्हाई के आने की खुशी में मग्न होकर नृत्य करने लगे, जिससे पूरा माहौल गोकुल धाम जैसा प्रतीत होने लगा।

क्षेत्र के गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस पावन अवसर पर अध्यात्म और भक्ति के इस महासंगम में क्षेत्र के तमाम गणमान्य और संभ्रांत लोग साक्षी बने। मुख्य रूप से इंद्रमणि मिश्रा, विवेक मिश्रा, विजय तिवारी, अजय तिवारी, उमेश तिवारी, रमेश तिवारी, गणेश तिवारी, श्रीकांत तिवारी, सुभाष चंद्र मिश्रा सहित भारी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बुजुर्ग भक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने व्यास पीठ की आरती उतारकर क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। कथा के समापन पर भव्य महाआरती हुई और देर रात तक प्रसाद वितरण का दौर चलता रहा।








