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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि (या जयंती, संदर्भानुसार) पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पार्टी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ा, जिन्होंने ‘कांशीराम अमर रहें’ के नारों के साथ आसमान गुंजा दिया।
पुष्प अर्पित कर किया नमन
सफेद लिबास में पहुंचीं बसपा प्रमुख ने कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और हाथ जोड़कर उनके द्वारा दिखाए गए सामाजिक परिवर्तन के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। मायावती के साथ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने बारी-बारी से श्रद्धेय नेता को नमन किया।
कार्यकर्ताओं का जोश और संदेश
- श्रद्धांजलि सभा के बाद मायावती ने वहां मौजूद जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया। समर्थकों को संबोधित करते हुए (संकेतों में) उन्होंने कहा कि:
- कांशीराम जी ने शोषितों और वंचितों को राजनीतिक शक्ति का जो मंत्र दिया था, बसपा उसे कमजोर नहीं होने देगी।
- आगामी चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को ‘गांव-गांव, पांव-पंव’ अभियान के जरिए पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना है।
- विपक्षी दलों द्वारा दलितों और पिछड़ों के हक में किए जा रहे ‘छलावे’ से सावधान रहने की जरूरत है।
कार्यालय के बाहर उमड़ी भीड़
बसपा कार्यालय के बाहर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। समर्थकों ने हाथों में नीला झंडा थामे अपनी नेता की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई जिलों से आए पदाधिकारियों ने इस मौके पर संकल्प लिया कि वे “बहुजन हित” के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।








