ABK24NEWS (विनय पाठक)
प्रतापगढ़। अयोध्या-प्रयागराज मार्ग पर शनिवार तड़के घने कोहरे और रफ्तार के कहर ने श्रद्धालुओं की यात्रा को हादसे में बदल दिया। जनपद संतकबीर नगर से मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला स्नान हेतु प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक महिंद्रा पिकअप जोगापुर (कोतवाली नगर) स्थित कोल्ड स्टोरेज के सामने अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हृदयविदारक हादसे में पिकअप सवार कुल 23 श्रद्धालु घायल हो गए। प्रशासन की तत्परता से सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक गंभीर घायल को प्रयागराज रेफर किया गया है।
तड़के 5:25 बजे हुआ हादसा, मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, संतकबीर नगर के ग्राम लोहरौली और दुधारा के श्रद्धालु पिकअप में सवार होकर गंगा स्नान के लिए निकले थे। सुबह करीब 5:25 बजे जोगापुर के पास कोहरे के कारण दृश्यता कम होने और तेज रफ्तार की वजह से वाहन अनियंत्रित हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार दिनेश चन्द्र तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
डीएम-एसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी ने राहत कार्य में मुस्तैद रहे पुलिसकर्मियों और नायब तहसीलदार के कार्य की प्रशंसा की।
घायलों का विवरण
चिकित्सकों के अनुसार, हादसे में घायल 23 लोगों में से 15 को मामूली चोटें थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद राम धाम जोगापुर में विश्राम हेतु भेज दिया गया। 7 घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। वहीं, लोहरौली निवासी संतराम (65) को सिर में गंभीर चोट और खून की उल्टी होने के कारण एसआरएन मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज रेफर किया गया है।
प्रमुख घायलों में शामिल: संतराम (65), कर्मराज (50), रामअंजोर (45), नरेश (50), राम बहादुर यादव (58), सुनीता (42), चंपा देवी (44), आशा देवी (32), 10 वर्षीय अंशिका, 70 वर्षीय कमला देवी, सुशीला देवी (55), 5 वर्षीय आर्यन, मुरारी लाल (60), 75 वर्षीय सुक्कू, रेशमा (60), आदित्य (16), यशवंत प्रसाद (65), राजू (32), मालती (39), अदावती (42), सोमवती (44), कमलावती (48) और कन्हैयालाल (50) शामिल हैं।
अधिकारी का आधिकारिक बयान:
”हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस ने त्वरित राहत कार्य शुरू किया। सभी श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी को निःशुल्क और बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जाए। स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में है और घायलों की उचित देखभाल की जा रही है।”
— शिव सहाय अवस्थी, जिलाधिकारी, प्रतापगढ़









