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प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश भूतपूर्व सैनिक संयुक्त संस्था की मासिक बैठक रविवार, 21 दिसंबर 2025 को किलहनापुर स्थित यूनाइटेड पब्लिक स्कूल के प्रांगण में अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सेवानिवृत्त वायु सेना अधिकारी पवन कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्र सेवा और समाज सुधार का अनूठा संगम देखने को मिला।
बैठक में संस्था के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार यादव, जिला उपाध्यक्ष मनोज सिंह एवं जिला महामंत्री रमेश सिंह भदोरिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशेषता समाज के प्रतिष्ठित बुद्धजीवियों की भागीदारी रही, जिनमें अतिथि के रूप में डॉ. रमापति त्रिपाठी, डॉ. शिव प्रसाद मिश्र, प्राचार्य कृष्णानंद त्रिपाठी, प्राचार्य भानु तिवारी एवं प्राचार्य विजय विश्वकर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और भूतपूर्व सैनिकों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर सम्मानित किया, जो सेना और नागरिक समाज के बीच गहरे समन्वय का प्रतीक बना।
राष्ट्रभक्ति से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत आरंभ ग्राम के वरिष्ठ भूतपूर्व सैनिक राम भवन पांडे द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी जनों ने गौरव के साथ राष्ट्रगान गाया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के स्वर से गुंजायमान हो उठा।
वक्ताओं के मुख्य विचार: ‘राष्ट्र प्रथम’ का आह्वान
मंच से पदाधिकारियों और अतिथियों ने कई ज्वलंत विषयों पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
राष्ट्रीय एकता: वक्ताओं ने देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने पर बल दिया।
समाज उत्थान: सेवा निवृत्ति के बाद भी सैनिकों की सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला गया।
ग्राम विकास: वक्ताओं ने आह्वान किया कि गांवों के समग्र विकास में भूतपूर्व सैनिकों का अनुभव मील का पत्थर साबित हो सकता है।
युवाओं को संदेश: युवाओं से अपील की गई कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और सामाजिक समरसता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
“भूतपूर्व सैनिक केवल सीमाओं के रक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के सजग प्रहरी और मार्गदर्शक भी हैं।” – संगठन पदाधिकारी
संकल्प और समापन
कार्यक्रम के अंत में संस्था के पदाधिकारियों ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार प्रकट किया। संगठन ने संकल्प लिया कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। सभा का समापन ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ हुआ।








