ABK24NEWS
(आशुतोष त्रिपाठी)
प्रतापगढ़। जनपद में भू-माफियाओं और जालसाजों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे कंपनियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला तहसील रानीगंज के ग्राम दिवैनी का है, जहाँ पी.एम.सी. कांस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की करोड़ों की भूमि को हड़पने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पी.एम.सी. कांस्ट्रक्शन प्रा. लि. के डायरेक्टर आनंद कुमार सोनी ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में ग्राम दिवैनी (तहसील रानीगंज) में गाटा संख्या 401ग और 401घ की कुल 2.465 हेक्टेयर भूमि नजीबुद्दीन नामक व्यक्ति से क्रय की थी। इस भूमि का दाखिल-खारिज हो चुका है और कंपनी का इस पर कब्जा बरकरार है।
साजिश के तहत बना ‘फर्जी’ आनंद सोनी
पीड़ित आनंद कुमार सोनी के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि 24 नवंबर 2025 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने खुद को ‘आनंद कुमार सोनी’ (डायरेक्टर) बताते हुए उनकी जमीन का फर्जी इकरारनामा लालमणि, शिव बहादुर और मुंशीलाल (निवासी गौहानी, पट्टी) के पक्ष में कर दिया।

धोखाधड़ी के मुख्य बिंदु:
फर्जी बैंक खाता: इकरारनामे में जिस चेक संख्या और बैंक खाते का जिक्र किया गया है, वह न तो आनंद सोनी का है और न ही उनकी कंपनी का।
दस्तावेजों में हेराफेरी: फर्जी इकरारनामे में न तो असली मालिक का फोटो है और न ही उनके हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान।
पहचान का अभाव: हैरानी की बात यह है कि बिना आधार कार्ड और उचित पहचान पत्र के ही उप-निबंधक कार्यालय में इस दस्तावेज का पंजीकरण करा दिया गया।
इन पर गिरा कानूनी डंडा
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जालसाजी में शामिल निम्नलिखित लोगों और सहयोगियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है:
क्रेता पक्ष: लालमणि, शिव बहादुर और मुंशीलाल (निवासी गौहानी)।
गवाह: दीपक कुमार सोनी (प्रयागराज) और विनोद कुमार सिंह (पट्टी)।
सहयोगी: दस्तावेज लेखक कृष्ण मोहन पाण्डेय।
विभागीय मिलीभगत: शिकायत में उप-निबंधक (रजिस्ट्रार) रानीगंज की भूमिका पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। एसपी के कड़े रुख के बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र रचने जैसी सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब उस ‘बहरूपिये’ की तलाश कर रही है जिसने आनंद कुमार सोनी बनकर रजिस्ट्री कार्यालय में हस्ताक्षर किए थे।
“प्रार्थी की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से यह पूरी साजिश रची गई है। दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।”
— एसपी दीपक भूकर पुलिस प्रशासन, प्रतापगढ़।








