प्रतापगढ़।(AbBK24NEWS)
जनपद के लीलापुर थाना क्षेत्र स्थित सिन्धौर गांव निवासी सौरभ विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और समाज सेवी संदीप विश्वकर्मा एडवोकेट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर जनाक्रोश गहराता जा रहा है। गुरुवार को अधिवक्ताओं एवं समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और फर्जी मुकदमे को समाप्त करने की मांग की है।
शुरुआत में हादसे का रूप देने का आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सौरभ विश्वकर्मा की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसे स्थानीय पुलिस द्वारा शुरुआत में एक दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। 14 अगस्त 2026 को पोस्टमार्टम हाउस प्रतापगढ़ में भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी। आरोप है कि अभियुक्तों के पक्ष के कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर पोस्टमार्टम में विलंब कराने और जांच में हेरफेर करने की कोशिश की।
मुकदमे को बताया रंजिश का नतीजा
ज्ञापन के अनुसार, सराय देवराय थाना जेठवारा निवासी समाजसेवी संदीप विश्वकर्मा एडवोकेट ने पुलिस कर्मियों से पंचनामा आदि कागजात उपलब्ध कराने और प्रक्रिया में हो रही देरी के संबंध में जानकारी मांगी थी। बाद में कोतवाली नगर पुलिस ने पहुंचकर पंचनामा मंगवाया और पोस्टमार्टम कराया।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पोस्टमार्टम हाउस पर संदीप विश्वकर्मा का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। इसके बावजूद, पुलिस पर दबाव न बना पाने से खुन्नस खाए लोगों ने अभियुक्तों के समर्थकों से साठगांठ कर 16 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली नगर में संदीप विश्वकर्मा व अन्य 4-5 लोगों के खिलाफ धारा 3(5), 109(1), 352 बीएनएसएस तथा एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में झूठा मुकदमा (मु.अ.सं. 496/2026) पंजीकृत करवा दिया।
कॉल डिटेल और लोकेशन जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि वादी अविनाश सरोज (सुपुत्र फूलचन्द्र सरोज) से संदीप विश्वकर्मा का कोई पूर्व परिचय या विवाद नहीं रहा है। उन्होंने मांग की है कि 14 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक वादी अविनाश सरोज और नामित गवाहों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे षड्यंत्र का सच सामने आ सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में भरत व्यास शर्मा एडवोकेट (महामंत्री – पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति), राम सुन्दर विश्वकर्मा एडवोकेट, वासिनी विश्वकर्मा एडवोकेट, सुधा विश्वकर्मा एडवोकेट, विनोद कुमार विश्वकर्मा एडवोकेट, उमेश विश्वकर्मा एडवोकेट, रामचन्द्र विश्वकर्मा एडवोकेट, अमन अंसारी सहित कई अधिवक्ता व गणमान्य लोग मौजूद रहे।










