- सदर अस्पताल के ‘आका’ चीफ फार्मासिस्ट राधेश्याम का कारनामा, बड़े अफसरों की छत्रछाया में चल रहा जहरीली दवाओं का खेल।
- प्रभारी सीडीओ दयाराम यादव ने सप्लाई पर लगाई रोक, जांच के बाद कठोरतम कार्रवाई का दिया आश्वासन।
आशुतोष त्रिपाठी:
प्रतापगढ़ ABK24NEWS। पशुपालन विभाग की साख को बट्टा लगाने और बेजुबान मवेशियों की जान से सरेआम खिलवाड़ करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सदर पशु चिकित्सालय में सालों से जमे चीफ फार्मासिस्ट राधेश्याम गौड़ की मनमानी और विभागीय साठगांठ का आलम यह है कि मार्च 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी ‘अल्बेंडाजोल’ (पेट के कीड़े मारने की दवा) का जखीरा न केवल सदर अस्पताल, बल्कि जिले के दर्जनों अन्य पशु चिकित्सालयों और पशुसेवा -केन्द्रों तक सप्लाई किया जा चुका है।
इस बड़े घोटाले की परतें शनिवार को उस वक्त खुलीं, जब एक सीधा-साधा पशुपालक अपने मवेशियों के इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचा। वहां मौजूद चीफ फार्मासिस्ट राधेश्याम ने उसे बेझिझक एक्सपायर्ड हो चुकी दवा की शीशी पकड़ा दी। पशुपालक कम पढ़ा-लिखा था, लेकिन शक होने पर जब उसने बाहर आकर पढ़े-लिखे व्यक्ति को दवा दिखाई, तो सच सामने आ गया। दवा पर साफ अक्षरों में एक्सपायरी डेट मार्च 2026 दर्ज थी—यानी 5 महीने पहले ही जहरीली बन चुकी दवा मासूम पशुओं को दी जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह धांधली सिर्फ सदर अस्पताल तक सीमित नहीं है। चीफ फार्मासिस्ट द्वारा यह मियाद पूरी कर चुकी दवाएं जिले के तमाम ग्रामीण और कस्बाई पशु चिकित्सालयों व पशु सेवा केंद्रों पर भी भारी मात्रा में भिजवाई जा चुकी हैं। यानी हजारों बेजुबान मवेशियों को अनजाने में यह ‘धीमा जहर’ दिया जा रहा है, जिससे उनकी जान को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राधेश्याम गौड़ कई सालों से इस अस्पताल के सर्वेसर्वा बने हुए हैं। अपनी मनमानी और कार्यशैली को लेकर वे हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन विभागीय उच्चाधिकारियों की विशेष ‘कृपा’ और संरक्षण के चलते उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं होती। इसी शह के दम पर वे पूरे जिले के पशु स्वास्थ्य ढांचे को ताक पर रखकर बेखौफ अपनी कुर्सी का दुरुपयोग कर रहे हैं।

जांच कमेटी गठित, नपेंगे दोषी: प्रभारी सीडीओ
प्रतापगढ़। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी सीडीओ दयाराम यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, सीवीओ से बात करके”जिलेभर में इस सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। एक विशेष जांच टीम का गठन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”










