ABK24NEWS
- 18 फरवरी से शुरू होगी परीक्षा, 166 केंद्रों पर 1.02 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल; बेहतर केंद्र होंगे सम्मानित
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2026 को शुचितापूर्ण, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज प्रतापगढ़ के प्रांगण में जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ केंद्र व्यवस्थापकों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में डीएम ने कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या छात्रों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फीस के नाम पर एडमिट कार्ड रोकना पड़ेगा भारी
जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी छात्र का प्रवेश पत्र (Admit Card) बकाया फीस के नाम पर नहीं रोका जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रैक्टिकल अंकों को लेकर भी सचेत किया कि अंक केवल योग्यता के आधार पर दिए जाएं। जानबूझकर अंक खराब करने की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा का खाका और व्यवस्थाएं
सह जिला विद्यालय निरीक्षक आर.पी. सरोज ने बैठक में जानकारी दी कि परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक दो पालियों में चलेगी। जनपद के कुल 166 केंद्रों (11 राजकीय, 69 सहायता प्राप्त और 86 वित्तविहीन) पर कुल 1,02,983 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 52,300 हाईस्कूल और 50,683 इंटरमीडिएट के छात्र हैं।
छात्रों की गरिमा और सुरक्षा का ध्यान
डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की तलाशी के लिए अलग-अलग रूम बनाए जाएं, जहां छात्राओं की तलाशी केवल महिला कर्मचारी ही लें। सचल दल को निर्देशित किया गया कि वे पहले सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण करें और जरूरत पड़ने पर ही कक्षा में प्रवेश करें, ताकि छात्रों पर मानसिक दबाव न पड़े। केंद्रों पर पीने का पानी, रोशनी, पंखे और बिजली कटौती की स्थिति में जनरेटर की अनिवार्य व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा और तकनीकी प्रतिबंध
अपर पुलिस अधीक्षक बृजनन्दन राय ने बताया कि सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और समय पर उन्हें खोलने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापकों की होगी। जिलाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि बेहतर व्यवस्था वाले टॉप-3 परीक्षा केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) आदित्य प्रजापति, जीआईसी प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।








