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प्रतापगढ़। जनपद के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक बेहद सनसनीखेज और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक कपड़ा व्यवसायी पर 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपने प्रेमजाल में फंसाकर नशीला पदार्थ देने, महीनों तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने और बाद में उसे अन्य राज्यों में बेच देने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी जन-आक्रोश देखा गया, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए आरोपी की दुकान के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे सील कर दिया है।
कपड़े और गिफ्ट के बहाने बुना गया प्रेमजाल
प्राप्त विवरण के अनुसार, पट्टी बाजार में आरोपी गुलजार नाम के युवक की रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। पास के ही एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता अक्सर उसकी दुकान पर कपड़े खरीदने आया करती थी। आरोप है कि गुलजार ने सोची-समझी साजिश के तहत किशोरी को सस्ते दामों पर कपड़े देने और विभिन्न उपहारों (गिफ्ट) का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित किया और धीरे-धीरे उसे अपने कथित प्रेमजाल में फंसा लिया।
नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का खेल
पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, करीब 6 महीने पहले गुलजार ने उसे मिलने के बहाने अपनी दुकान पर बुलाया। वहाँ उसने पीड़िता को कोल्डड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका एक अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद, आरोपी उस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा और पिछले 6 महीनों तक लगातार उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म करता रहा।
8 अप्रैल को अपहरण कर दिल्ली और अयोध्या में बेचा
मामले ने और भी भयानक रूप तब ले लिया जब बीती 8 अप्रैल को आरोपी गुलजार ने पीड़िता को दोबारा मिलने बुलाया और वहाँ से उसका अपहरण कर लिया। पीड़िता के मुताबिक, उसे दिल्ली ले जाकर ‘मंगल’ नाम के एक युवक को बेच दिया गया। इस दौरान पीड़िता को जबरन ड्रग्स (नशीले पदार्थ) दिए गए और करीब 20 दिनों तक बंधक बनाकर कई लोगों द्वारा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया। इसके बाद उसे पुनः अयोध्या के एक अन्य युवक को बेच दिया गया, जहाँ भी उसके साथ दरिंदगी का सिलसिला जारी रहा।
पुलिसिया दबिश और पीड़िता की बरामदगी
अयोध्या में बंधक रहते समय पीड़िता ने किसी तरह छिपकर मोबाइल के जरिए अपनी मां को फोन किया और आपबीती सुनाते हुए अपनी लोकेशन की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही पीड़िता की मां ने तत्काल स्थानीय पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और 11 मई को अयोध्या में संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस की भनक लगते ही वहां मौजूद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया और उसे वापस प्रतापगढ़ ले आई।
कार्रवाई में ढिलाई का आरोप और हिंदू संगठनों का भारी हंगामा
पीड़िता की मां का आरोप है कि बेटी के बरामद होने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी गुलजार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से कतरा रही थी, जिसके लिए उन्हें थाने के कई चक्कर काटने पड़े। आखिरकार, दबाव बढ़ने पर पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी गुलजार को गिरफ्तार किया।
जब पुलिस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उसे सरकारी अस्पताल ले जा रही थी, तभी भारी संख्या में हिंदू संगठन (बजरंग दल) के कार्यकर्ता पट्टी कोतवाली पहुंच गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस जीप से आरोपी को नीचे उतारकर पीटने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को सुरक्षित निकाला और हवालात में बंद किया। इसके बाद पूरे थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

दुकान पर चला प्रशासन का बुलडोजर, शटर सील
हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पट्टी कस्बे में स्थित आरोपी की दुकान पर पथराव और तोड़फोड़ भी की तथा दुकान को पूरी तरह ध्वस्त करने की मांग की। बिगड़ते माहौल और प्रशासनिक दबाव को देखते हुए पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई की। गुलजार की दुकान के आगे अवैध रूप से लगे टिनशेड को बुलडोजर (जेसीबी) की मदद से ढहा दिया गया और इसके बाद शटर वाली मुख्य दुकान को पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।

एएसपी आलोक कुमार ने बताया—
“लड़की के लापता होने या भगा ले जाने की प्रारंभिक सूचना मिली थी। गहन जांच के दौरान गुलजार और मंगल नामक दो मुख्य अभियुक्तों के नाम सामने आए हैं। पीड़िता के बयान और तहरीर के आधार पर आरोपी गुलजार के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म (Rape) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया की जा रही है। मामले में संलिप्त दूसरे आरोपी मंगल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।”








