प्रतापगढ़ तहसील में ‘फाइलों का बाजार’: मुकदमों की मूल फाइलें प्रिंटिंग प्रेस पर लावारिस, आखिर किसका है खेल?

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ABK24NEWS 

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिले से प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सदर तहसील के मुकदमों की अत्यंत गोपनीय और महत्वपूर्ण ‘मूल फाइलें’ तहसील के भीतर होने के बजाय सड़क पार एक निजी प्रिंटिंग प्रेस की दुकान पर लावारिस हालत में मिली हैं।

वकीलों ने रंगे हाथ पकड़ी लापरवाही

जब सदर तहसील के कुछ अधिवक्ता बाबागंज स्थित तहसील के सामने एक प्रिंटिंग प्रेस पर पहुँचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां मुकदमों का अंबार लगा हुआ था, जो सरकारी कार्यालय की अलमारियों में होना चाहिए था। ताज्जुब की बात यह है कि प्रिंटिंग प्रेस पर मौजूद कोई भी व्यक्ति यह बताने को तैयार नहीं था कि ये सरकारी दस्तावेज वहां कैसे और किसके आदेश पर आए।

गायब हुई फाइलों का जिम्मेदार कौन?

प्रतापगढ़ सदर तहसील में फाइलों का गायब होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण मुकदमों की फाइलें रहस्यमयी तरीके से गायब हो चुकी हैं। अब सवाल यह उठता है कि यदि इन प्रिंटिंग प्रेसों से कोई फाइल गायब हो जाती है या दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या तहसील प्रशासन ने न्याय की उम्मीद में आए वादियों का भविष्य इन प्राइवेट दुकानों के भरोसे छोड़ दिया है?

प्राइवेट ‘सिंडिकेट’ के कब्जे में तहसील!

स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का आरोप है कि सदर तहसील पूरी तरह से ‘प्राइवेट कर्मचारियों’ के कब्जे में है। तहसील के बाबू और अधिकारी अपने काम का बोझ कम करने या भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकारी दस्तावेजों को बाहरी प्राइवेट लोगों के हवाले कर देते हैं। तहसील की कार्यशैली इतनी दयनीय हो चुकी है कि वहां सरकारी मर्यादा और गोपनीयता का नामोनिशान नहीं बचा है।

प्रशासन की नींद कब खुलेगी?

यह घटना तहसील प्रशासन की नींव हिला देने वाली है। बारकोड लगे सरकारी आदेश और न्यायालय के दस्तावेज जूते के डिब्बों में भरकर निजी दुकानों पर रखे जा रहे हैं। क्या जिलाधिकारी और आला अधिकारी इस खुली धांधली पर संज्ञान लेंगे, या फिर इसी तरह मुकदमों की फाइलों को बाजार में नीलाम होने के लिए छोड़ दिया जाएगा?

अधिवक्ताओं द्वारा किए गए इस खुलासे ने सदर तहसील की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता की पोल खोल दी है। मामले से संबंधित वीडियो वायरल होने पर प्रशासन की किरकिरी हो रही है। अब देखना यह है कि इस गंभीर लापरवाही पर गाज किस पर गिरती है।

 

ABK 24 News
Author: ABK 24 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें