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- हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन।
- प्रशासन के 6 घंटे के मान-मनौवल और आश्वासन के बाद माने ग्रामीण।
- नाले में घायल मिले युवक की इलाज के दौरान हो गई थी मौत।
प्रतापगढ़। जनपद के लीलापुर थाना क्षेत्र में हत्या के मामले को लेकर उपजा गतिरोध प्रशासन की सूझबूझ से समाप्त हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के भारी आक्रोश के बीच, करीब 24 घंटे बाद मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न हो सका। यह सफलता नायब तहसीलदार के ठोस आश्वासन और लंबी वार्ता के बाद मिली।
क्या है पूरा मामला?
सरायताल मकई गांव के निवासी दिनेश वर्मा (44) बीते 16 दिसंबर को लालगंज कोतवाली के तिनमोहनिया के पास एक नाले में लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिले थे। प्रयागराज में इलाज के दौरान 17 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मृतक के पुत्र अंकुश की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
शव घर पहुँचते ही भड़का आक्रोश
गुरुवार की रात जब पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुँचा, तो कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि:
- हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
- पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
- भूमिहीन परिवार को जमीन का पट्टा आवंटित किया जाए।
प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुलझा मामला
शव न जलाए जाने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन में खलबली मच गई। मौके पर पहुँचे नायब तहसीलदार (गड़वारा/मान्धाता) दिनेश तिवारी ने परिजनों से लंबी वार्ता की। करीब 6 घंटे तक चले मान-मनौवल और प्रशासनिक स्तर पर मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
पुलिस का पक्ष
लीलापुर प्रभारी निरीक्षक मनोज पाण्डेय ने बताया कि परिजनों को समझा-बुझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इस दौरान राजस्व निरीक्षक मेवालाल और लेखपाल अंकित मौर्या भी मौजूद रहे।








