ऊंचाहार-रायबरेली (ABK24NEWS)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से अधिग्रहीत जमीन का पूर्ण मुआवजा वसूलने के बाद भी दबंगों के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऊंचाहार क्षेत्र के खोजनपुर गांव में एनएचएआई की भूमि पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। सरकारी धन का पूरा भुगतान प्राप्त करने के बावजूद दबंग बेखौफ होकर सड़क की जमीन पर मकान खड़ा कर रहे हैं और अब जल्द ही उस पर लेंटर डालने की अंतिम तैयारी है।
पूरा मामला गाटा संख्या 32, 44 और 45 से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि गाटा संख्या 32 और 42 का संपूर्ण रकबा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में प्रभावित हो चुका है, जिसके एवज में संबंधित भू-स्वामियों को विभाग द्वारा पूरा मुआवजा दिया जा चुका है। इसके बावजूद, खोजनपुर में गाटा संख्या 32, 44 व 45 की अधिग्रहीत भूमि पर नरेंद्र जीत सिंह कुशवाहा (पुत्र मेवालाल कुशवाहा) तथा सुनील कुमार गुप्ता द्वारा नियम-विरुद्ध और जबरन पक्का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि बिना विभागीय मिलीभगत और संरक्षण के इतनी बड़ी धांधली संभव ही नहीं है। सरकारी जमीन पर सरेआम हो रहा यह कब्जा एनएचएआई अधिकारियों की भूमिका और विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर सीधे गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
अवैध कब्जे की शिकायत और सच्चाई जानने के लिए जब एनएचएआई के परियोजना निदेशक (PD) इंद्रेश कुमार से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। अधिकारियों की यह साधी गई चुप्पी पूरे मामले में उनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली की ओर इशारा करती है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रमुखता से छपने के बाद कुंभकर्णी नींद में सो रहा प्रशासन इस अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाता है या भ्रष्टाचार के इस खेल पर पर्दा डालता रहता है।









