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प्रतापगढ़। जनपद न्यायालय परिसर प्रतापगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक वादकारियों को लाभान्वित करें।
लोक अदालत में कुल 1,38,522 वादों का निस्तारण कर आम जनमानस को मुकदमों के बोझ से मुक्ति दिलाई गई। जनपद न्यायाधीश राजीव कमल पाण्डेय ने बताया कि इस लोक अदालत के जरिए बड़ी संख्या में पुराने लंबित मामलों को सुलझाया गया है। कार्यक्रम का संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाम्भवी द्वितीय ने किया और आभार नोडल अधिकारी अंकिता दुबे ने व्यक्त किया।
मुख्य आकर्षण एवं उपलब्धियां:
- पारिवारिक मिलन: प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) रीता गुप्ता के प्रयासों से 57 वैवाहिक मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें 21 जोड़े आपसी गिले-शिकवे भुलाकर पुनः साथ रहने को राजी हुए और उनकी ससम्मान विदाई कराई गई।
- मुआवजा एवं वसूली: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के अधिकारी विजय पाल द्वारा 41 मामलों में पीड़ितों को 2.72 करोड़ रुपये का प्रतिकर (मुआवजा) दिलाया गया। वहीं, 981 बैंक ऋण मामलों में 6.03 करोड़ रुपये से अधिक का समझौता हुआ।
- निस्तारित मामलों का विवरण: लोक अदालत में 1,31,772 प्रशासनिक मामले, 4,431 फौजदारी वाद, 1,570 यातायात मामले, 187 विद्युत वाद और 37 सिविल वादों का निस्तारण किया गया।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी विजय पाल, राम नारायण (अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत) सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी, मध्यस्थ और पी.एल.वी. उपस्थित रहे।









