ABK24NEWS (विनय पाठक)
-एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई।
-काम शुरू कराने के एवज में मांगी थी घूस, जाल बिछाकर दबोचा।
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत शुक्रवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई ने प्रतापगढ़ में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने नगर पालिका परिषद बेल्हा के एक लिपिक (टाइपिस्ट) को 87,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक अधिशासी अधिकारी को भी आरोपी बनाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रवीण रामपाल सिंह निवासी- रोही, भदोही हाल पता- झुंसी, प्रयागराज की फर्म ‘मेसर्स कैलाश गंगापुरम’ को कुछ विकास कार्य आवंटित हुए थे। इन कार्यों को धरातल पर शुरू कराने, कार्यस्थल दिखाने और तकनीकी स्वीकृति दिलाने के नाम पर नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव और लिपिक प्रशांत सिंह द्वारा 87,500 रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना 6 जनवरी को एंटी करप्शन यूनिट प्रयागराज को दी थी। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने मामले की गोपनीयता से जांच की और शुक्रवार (9 जनवरी) को ट्रैप टीम तैयार की। दोपहर करीब 2:13 बजे, जैसे ही शिकायतकर्ता ने नगर पालिका परिषद बेल्हा स्थित टाइपिस्ट कक्ष में लिपिक प्रशांत सिंह को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से सतर्क टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम ने मौके पर ही प्रशांत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपी लिपिक और नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव के विरुद्ध थाना कोतवाली नगर प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक अंजली यादव, निरीक्षक अलाउद्दीन अंसारी, राकेश बहादुर सिंह, चंद्रभान सिंह, उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह सहित मुख्य आरक्षी शशिकान्त शर्मा, अनिरुद्ध कुमार बलवन्त और आरक्षी विकास पाण्डेय, वेद प्रकाश मिश्रा व अन्य शामिल रहे।








