- मेडिकल कॉलेज में अमानवीयता: ‘मानवीय भूल’ बताकर डॉक्टर ने झाड़ा पल्ला
- 22 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकने को मजबूर
- गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और युवा व्यापार मंडल मैदान में, आंदोलन की चेतावनी
विनय पाठक:
प्रतापगढ़ (ABK24NEWS)। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पंजाबी कॉलोनी निवासी सरदार मनमोहन सिंह का 28 अगस्त 2026 को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुदीप सिंह द्वारा कूल्हे का ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि डॉक्टर ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए प्लेट बिठाते समय उसमें नट-बोल्ट ही नहीं लगाए (या लापरवाही के कारण वे ढीले होकर खुल गए)।
ऑपरेशन के बाद जब मरीज को आराम नहीं मिला और एक्स-रे कराया गया, तब इस भयानक लापरवाही का खुलासा हुआ। पीड़ित के बेटे का आरोप है कि डॉक्टर सुदीप सिंह ने इसे कोई बड़ी बात न मानते हुए महज ‘मानवीय भूल’ करार देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
पैसों की मांग और परिजनों की लाचारी
ऑपरेशन के समय पीड़ित परिवार से ₹22,000 जमा कराए गए थे। अब डॉक्टर की इस चूक के कारण दोबारा ऑपरेशन की स्थिति बन गई है। गरीब और लाचार परिवार के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे दोबारा ऑपरेशन का खर्च कहां से लाएं। डॉक्टर के इस अडियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से पीड़ित का परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
संगठनों में रोष, प्राचार्य से वार्ता की उम्मीद
मामला सामने आने पर पीड़ित परिवार ने सिख समाज, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलदीप सिंह (शंटी) से न्याय की गुहार लगाई। आज दोनों संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की, लेकिन कॉलेज के अधिकारियों ने पल्ला झाड़ते हुए उन्हें प्राचार्य (प्रिंसिपल) से मिलने की बात कही। प्राचार्य के शहर से बाहर होने के कारण आज वार्ता नहीं हो सकी। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राचार्य से वार्ता के बाद आरोपी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई और मरीज के निशुल्क इलाज की व्यवस्था नहीं हुई, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले, विभाग की चुप्पी पर सवाल
अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उक्त डॉक्टर द्वारा पहले भी इलाज में लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन का ऐसे लापरवाह डॉक्टरों पर कोई अंकुश नहीं है। लगातार हो रही इन घटनाओं से आम जनता का मेडिकल कॉलेज और डॉक्टरों से विश्वास उठता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से आरोपी डॉक्टर सुदीप सिंह का लाइसेंस रद्द करने और कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।









