- दबंगों के हौसले बुलंद, सरकारी स्कूल का रास्ता बना कीचड़ का तालाब, नौनिहाल बेहाल
- खेल के मैदान और नवीन परती जैसी कीमती सरकारी जमीनों पर दबंगों का अवैध कब्जा।
- आईजीआरएस पर शिकायत के बावजूद प्रशासन मौन, ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
प्रतापगढ़ ABK24NEWS। जनपद के सदर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा भीलमपुर में विकास के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। यहाँ प्राथमिक विद्यालय बहलोलपुर को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता, जो गांव के नौनिहालों के लिए विद्यालय जाने का एकमात्र माध्यम है, आज एक नारकीय दलदल में तब्दील हो चुका है। बरसात के इस मौसम में रास्ता घुटनों तक कीचड़ और जलजमाव से भर गया है, जिससे होकर गुजरना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। ग्राम भीलमपुर के सैकड़ों परिवार और आसपास की ग्राम सभाओं के लोग इसी रास्ते पर निर्भर हैं। लेकिन सबसे ज्यादा बुरी हालत उन छोटे-छोटे बच्चों की है, जो हर रोज इस कीचड़ से सने रास्ते से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर इस फिसलन भरे रास्ते पर गिरकर चोटिल हो जाते हैं और उनकी ड्रेस व किताबें खराब हो जाती हैं। मजबूरी में लोग कीचड़ से होकर ही गुजर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस दुर्दशा का मुख्य कारण गांव के ही कुछ रसूखदार और दबंग व्यक्तियों द्वारा सरकारी भूमि पर किया गया अवैध कब्जा है। गांव के भू-अभिलेखों के अनुसार, उक्त स्थल पर गाटा संख्या 120 ख (रास्ता), 123 ख (विद्यालय की जमीन), 121 (नवीन परती), 122 (खेल का मैदान) और 119 (खलिहान) जैसी महत्वपूर्ण सरकारी जमीनें दर्ज हैं। लेकिन इन सभी जमीनों पर दबंगों ने जबरिया कब्जा कर रखा है। जब भी गांव के लोग जनहित में स्वयं मिट्टी डालकर रास्ते को चलने योग्य बनाने का प्रयास करते हैं, तब यही दबंग लोग न केवल विरोध करते हैं बल्कि निर्माण कार्य में लगातार रुकावट पैदा करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जो कोई भी इनके विरुद्ध आवाज उठाता है, उसे दबंगों द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती है। इस डर और भय के माहौल के कारण अब तक कोई भी इनके खिलाफ खुलकर सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

प्रशासन की वादाखिलाफी और दबंगों की दबंगई से परेशान होकर अब पूरा गांव लामबंद हो गया है। गांव के ही आशुतोष प्रताप सिंह, रघुनंदन सिंह, राजेश सिंह उर्फ भोले, रमाशंकर सिंह, राम बहादुर पाल, शिव बहादुर पाल, बेचू पाल, सुरेश सरोज, बृजभूषण सरोज, रामकुमार गौतम, सुनील गौतम, संपत, मगन सिंह, विनीता सिंह, शशिलता सिंह, नीलम सिंह, राम जी, अरुण सिंह समेत तमाम ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ते को अविलंब बनवाए जाने और सरकारी जमीन को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भ (आईजीआरएस) पोर्टल के माध्यम से कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है, किंतु आज तक न तो कोई राजस्व टीम जांच के लिए आई और न ही कोई कार्रवाई हुई। प्रशासन की इस अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल एक वरिष्ठ राजस्व टीम भेजकर विवादित गाटा संख्याओं (119, 120 ख, 121, 122, 123 ख) की पैमाइश कराई जाए, दबंगों का अवैध कब्जा हटाया जाए और प्राथमिक विद्यालय जाने वाले मुख्य रास्ते का प्राथमिकता के आधार पर पक्का निर्माण कराया जाए। साथ ही कब्जा करने वाले दबंगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बोले जिम्मेदार :
इस बाबत ग्राम सभा के लेखपाल राम सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी उनको शिकायत नहीं मिली है, जैसे ही शिकायत मिलेगी, नियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी।









